हस्तशिल्प

उ0प्र0 सरकार द्वारा नव संचालित एक जनपद एक उत्पाद (ओ0डी0ओ0पी0) -तारकशी  हस्तशिल्प योजना, जनपद- मैनपुरी

उ0प्र0 सरकार द्वारा एक जनपद एक उत्पाद (ओ0डी0ओ0पी0) योजना संचालित की गई है योजनानतर्गत प्रत्येक जनपद से एक उत्पाद का चयन किया गया ह,ै चयनित उत्पाद के विकास के लिये सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनायें संचालित की जा रही हैं। योजनान्तर्गत मैनपुरी जनपद में तारकशी हस्तशिल्प का चयन किया गया है।  चयनित उत्पाद तारकशी हस्तशिल्पि के उद्यमियों/लाभार्थियों को सरकार द्वारा विभिन्न स्तर की सहायतायें सुविधायंें दिये जाने का प्राविधान है।  इन लाभार्थियों को जनपद स्तर पर प्रशिक्षण की सुविधा, मार्केटिंग, कच्चेमाल, टूलकिट के साथ ही विभन्न ऋण योजनाओं में अनुदान युक्त वित्तीय सहायतायें उपलब्ध कराये जाने का प्राविधान है। उत्पाद को जनपद में और अधिक विकसित किये जाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा एक प्रथक से ऋण योजना भी संचालित की जा रही है जिसके अन्तर्गत लाभार्थियों को 25 लाख तक की ऋण सुविधा 25 प्रतिशत अनुदान के साथ उपलब्ध कराई जायेगी।  वर्तमान में इच्छुक लाभार्थी मुख्यमंत्री, स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैण्डअप योजनान्तर्गत वित्तीय सहायता हेतु आवेदन कर सकते हैं।

 

                            एक जनपद एक उत्पाद योजनान्तर्गत वित्त पोषण हेतु संक्षिप्त विवरण/पात्रता

 

  1. योजनान्तर्गत राष्ट्रीयकृत बैंकों/ग्रामीण बैंक आॅफ आर्यावर्त की शाखाओं द्वारा वित्त पोषण किया जाएगा।
  2. योजनान्तर्गत रू0 25.00 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाईयों हेतु कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम 6.25 लाख जो भी कम हो मार्जिन मनी के रूप में देय होगी।
  3. उद्यम के 02 वर्ष तक सफल संचालन के उपरान्त मार्जिन मनी अनुदान के रूप में लाभार्थी के खाते में समायोजित की    जाएगी।
  4. सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों द्वारा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा।  अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक/महिला/     दिव्यांगजन लाभार्थियों को परियोजना लागत का कुल 05 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा    करना होगा।

 

पात्रता की शर्तें

 

  1. आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  2. शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है।
  3. योजनान्तर्गत उद्योग/सेवा/व्यवसाय क्षेत्र में वित्त पोषण में सहायता की सुविधा जनपद हेतु चिन्हित ओ0डी0ओ0पी0 उत्पाद की इकाईयों को ही प्राप्त होगी।
  4. आवेदक या इकाई किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक/वित्तीय संस्था/सरकारी संस्था का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए।
  5. आवेदक द्वारा भारत सरकार अथवा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ प्राप्त न किया गया है।
  6. आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी भी सदस्य को योजनान्तर्गत केवल एक बार ही लाभान्वित किया   जाएगा।
  7. अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक/महिला एवं दिव्यांगजन लाभार्थियों द्वारा आरक्षित श्रेणी का जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

                                                                      मुख्यमंत्री हस्तशिल्प पेंशन योजना

प्रदेश के हस्तशिल्पियों के लिये हस्तशिल्प पेंशन योजना संचालित है इस योजना के अन्तर्गत चयनित हस्तशिल्पी को रू0 500 प्रतिमाह पेंशन दिये जाने का प्राविधान है। योजना में पात्रता हेतु हस्तशिल्पी का भरण पोषण उसकी शिल्पकला पर आधारित हो, .हस्तशिल्पियों की न्यूनतम आयु 60 वर्ष या इससे अधिक हो।  विकलांग एवं महिला शिल्पकार होने की स्थिति में न्यूनतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट अनुमन्य है। हस्तशिल्पियों के पास विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत हस्तशिल्प पहचान पत्र (आर्टीजन कार्ड) होना आवश्यक है।.शिल्पकार के परिवार की वार्षिक आय रूपये एक लाख से अधिक न हो।. शिल्पकार सरकारी/गैरसरकारी/अर्द्धसरकारी/एन0जी0ओ0/निजी संगठनों में नियमित वेतन भोगी कर्मचारी न हो। हस्तशिल्पी को एक ही प्रकार की पेंशन योजना का लाभ अनुमन्य होगा।  यदि हस्तशिल्पी द्वारा भारत सरकार/राज्य सरकार की अन्य योजनाओं में पेंशन का लाभ प्राप्त किया गया हो तो वह इस योजना का लाभ पाने हेतु पात्र नहीं होगा। योजना से अच्छादित शिल्पकार चार पहिया वाहन का मालिक न हो।

 

                                                                     हस्तशिल्प पहचान पत्र योजना

.        यह योजना भारत सरकार द्वारा संचालित है। योजनान्तर्गत हस्तशिल्पी को निःशुल्क फोटो युक्त पहचान पत्र बनाकर हस्तशिल्पी को प्रदान किया जाता है जिस पर संख्या        भी अंकित होती है। हस्तशिल्प परिचय पत्र हेतु आवेदन निम्न दो प्रकार से किया जा सकता है।  भारत सरकार द्वारा निर्धारित आवेदन पत्र को पूर्ण रूप से भरकर जिला उद्योग केन्द्र में जमा कर सकते हैं, जिसकी जांच के उपरान्त हस्तशिल्प पहचान पत्र बनाने की संस्तुति की जायेगी। वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार की बेव साइट ूूूण्ींदकपबतंजिेण्दपबण्पद पर हस्तशिल्प पहचान पत्र हेतु आन लाइन आवेदन किया जा सकता है। हस्तशिल्पी को किसी भी हस्तशिल्प कला के क्षेत्र में विशेषज्ञ होना होगा जो पहचान पत्र पर अंकित की जा सके।

                                                              हस्तशिल्प विपणन प्रोत्साहन योजना

हस्तशिल्प विपणन प्रोत्साहन योजना हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित करने की योजना है, जिसके द्वारा वह अपने हस्तशिल्प उत्पादों को हाट/मेलों में विक्री कर सकें तथा उपरोक्त प्रयोजन में आने-जाने पर व्यय धनराशि का अधिकतम रू0 20000 तक का भुगतान जिला उद्योग केन्द्र के माध्यम से किया जाता है।. इस योजना वह मेले आच्छादित हैं जो उद्योग निदेशालय उ0प्र0 कानपुर द्वारा नोटीफाइड हैं।  मेंले में प्रतिभाग करने वाले हस्तशिल्पी के पास विकास आयुक्त हस्तशिल्प, भारत सरकार        द्वारा जारी पहचान पत्र होना अनिवार्य है।  योजना में प्रतिभाग करने के लिये हस्तशिल्पी को नोटीफाइड मेंलों में से किस-किस मेले में प्रतिभाग करना है उसकी सूचना लिखित रूप से जिला उद्योग केन्द्र को प्रतिभाग करने से पूर्व देनी होती है। इस योजनान्तर्गत एक वित्तीय वर्ष में एक परिवार के एक ही व्यक्ति को लाभ दिया जाता है।

                                                           हस्तशिल्प कौशल विकास प्रशिक्षण योजना

हस्तशिल्प कौशल विकास प्रशिक्षण योजनान्तर्गत हस्तशिल्प कार्य सीखने हेतु उद्योग निदेशालय उ0प्र0 कानपुर द्वारा 10 प्रशिक्षार्थियों हेतु 06 माह के एक अथवा दो कार्यक्रम वर्ष में आवंटित किये जाते हैं।  जिनका प्रशिक्षण राज्य पुरस्कार प्राप्त अथवा राष्ट्रीय पुरसकार प्राप्त कुशल हस्तशिल्पियों के द्वारा जिला उद्योग केन्द्र के माध्यम से प्रदान कराया जाता है।प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षार्थी की आयु न्यूनतम 18 से 35 वर्ष होनी चाहिए। जिले का मूल निवासी होना चाहिए।

 

 

 

उपायुक्त उद्योग

जिला उद्योग एवं उद्यम

प्रोत्साहन केन्द्र, मैनपुरी